मुकाबला (Hindi Moral Stories) : Kids Stories 2022

Hindi Moral Stories for Kids 2022

(बच्चों की कहानी)

प्रस्तुत पाठ में विद्यार्थियों को बताया गया है कि डर मृत्यु के समान होता है। आदमी को कभी भी उठना नहीं चाहिए। खतरे का मुकाबला साहस से करना चाहिए। साहस के सामने खा भाग खड़ा होता है।

बात बहुत पुरानी है। एक स्वामीजी बनारस की गलियों से गुजर रहे थे। वे अपने ध्यान में मग्न होकर चले जा रहे थे। उन्हें आस-पास की कोई खबर नहीं थी। एक घर की छत पर एक बंदर बैठा हुआ था। उसने देखा कि स्वामीजी लपके

चले जा रहे हैं। उसे न जाने क्या शरीरत सूझी, वह स्वामीजी के पीछे-पीछे दौड़ने लगा। पहले कुछ देर तक तो स्वामीजी का ध्यान उस ओर नहीं गया, परंतु जब बंदर उनके ठीक पीछे जाकर खिझाया, तो स्वामीजी ने बंदर ने उनकी ओर देखकर अपने दाँत किटकिटाए। बंदर को इस प्रकार देखकर स्वामीजी डर गए। उन्हें लगा कि बंदर उन पर हमला करनेवाला हैं। वे बहुत घबरा गए। जब उन्हें कुछ नहीं सूझा, तो वे भागने लगे। बंदर भी उनके पीछे भागने लगा। यह नजारा बड़ा मजेदार था। आगे स्वामीजी, पीछे बंदर सड़क पर आते-जाते लोग यह तमाशा देखकर बहुत खुश हो रहे थे।

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स्वामीजी को भागते हुए देखकर एक आदमी ने कहा-“स्वामीजी, भागते क्यों मुड़कर मुकाबला करो।" यह सुनकर स्वामीजी रुक गए। उन्होंने पीछे देखा। उनके रुकते ही बंदर भी वहीं रुक गया। स्वामीजी थोड़ा आगे बढ़े, बंदर उतना ही पीछे हट गया। स्वामीजी उसकी ओर दौड़े, बंदर भाग खड़ा हुआ।

इस घटना का स्वामीजी पर बड़ा गहरा प्रभाव पड़ा। वे समझ गए कि खतरे में आदमी को घबराना नहीं चाहिए, बल्कि उसे खतरे का मुकाबला डटकर करना चाहिए। जीवन में सफलता प्राप्त करने का यही मंत्र है।

प्यारे बच्चो! पता ये स्वामीजी कौन थे? ये स्वामीजी थे हमारे देश के महान संत स्वामी विवेकानंद!

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